बहुत प्यार आता है तुम पर

मैंने कहा बहुत प्यार आता है तुम पर . . . . वो मुस्कुरा कर बोले और तुम्हे आता ही क्या है।

इश्क का धंधा

इश्क का धंधा बड़ा ही गन्दा.. . . . मुनाफे में “जेब” जले.. और घाटे में “दिल”

तुम्हारे बिना ज़िंदगी रूखी रूखी सी लगती है

सुनो तुम्हारा नाम बोरो प्लस रख दूँ क्या..!! . . . तुम्हारे बिना ज़िंदगी रूखी रूखी सी लगती है। 😂😄🤣

अगले जन्म मैं

अगले जन्म मैं तुम्हें प्रेयसी नहीं भिक्षुणी बनकर मिलूँगी एकदम खाली हाथ मैंने मुट्ठी भर-भर तुम्हें जो सर्वस्व दिया है क्या तब तुम अंजुरी भर डालोगे मेरी झोली में? -समृद्धि

इश्क़ जब गहरा हो जाए

सुना है इश्क़ जब गहरा हो जाए तो आशिकों के चेहरे मिलने लगते हैं। ये तो बताओ.. तुम्हारे गालों पर भी भंवर पड़ते हैं क्या?

तलाश उनकी हैं

चेहरा खूबसूरत हैं तो आशिक़ों की कमी नहीं . . . . तलाश उनकी हैं जो झुर्रियों को भी दिल से चूमे

प्यार जताने के बहुत मार्ग हैं

चूम लेते किसी खिलते हुए फूल को! या सहला देते किसी पेड़ की पीठ! कर देते थोड़ी सी गिदगिलियां बूढ़की दादी को! या पास बैठकर सुन लेते कोई पुराना किस्सा चुपचाप बैठे दादाजी से! प्यार पाने के प्यार जताने के कितने मार्ग हैं मित्र और तुम उदास बैठे हो! ~ …

किसी को चाहना तो

किसी को चाहना तो इतनी शिद्दत से चाहना की उसके जाने के बाद तुम्हारी कविताएँ मोहताज न रहें किसी समीक्षक की किसी प्रशंसक की…. ~ रचित दीक्षित

मैं रुई पर एक कविता लिखूँगा

मैं रुई पर एक कविता लिखूँगा और उसे तेल में डुबाकर दिया में सजाऊँगा फिर संसार के सबसे ऊंचे पर्वत पर जाकर मैं उस दीये को जलाऊँगा कविता में कुछ हो न हो उजाला जरूर होना चाहिए बस इतना उजाला जो अंधेरा हर सके। ~ देवेंद्र

बिना जिस्म को छुए

बिना जिस्म को छुए कोई रूह से लिपट जाए… . . . मेरे ख्याल में तो वही सच्चा इश्क़ है..