मुझे चाह नही गुलदस्तों की

मुझे चाह नही गुलदस्तों की . . . मैं तो खुश हूँ, महकते एक गुलाब से

सेहरी में पीये गए पानी की आखरी घूंट

एक सन्त ने एक बार बताया था कि मोहब्बत सेहरी में पीये गए पानी की आखरी घूंट की जैसी होनी चाहिए जिसके बाद दूसरे घूंट की गुंजाइश ही नहीं होनी चाहिए।

चाय ठंडी होती गई

बैठे चाय की प्याली लेकर पुराने किस्से याद करने… चाय ठंडी होती गई और किस्से गरम होते गये !!

कुछ लोग प्यार से पेश आ रहे हैं…

नए जख्म के लिए तैयार हो जा ए दिल! कुछ लोग प्यार से पेश आ रहे हैं…!!

नफरत

बहुत पाक रिश्ते होते है नफरतों के, कपड़े अक्सर मोहब्बत में ही उतरते हैं…

मोहब्बत

मोहब्बत भी उधार कि तरह होती है …. “साहब” लोग ले तो लेते है .. मगर देना भूल जाते है.

नसीब

क्यूँ हर बात में कोसते हो तुम लोग नसीब को, क्या नसीब ने कहा था की मोहब्बत कर लो !!

अगर है किसी मे टूटने की हिम्मत है…

अगर है किसी मे टूटने की हिम्मत है… तो मुबारक हो..इश्क़ कर लीजिये.. #बज़्म

वो लफ्ज़ कितने नशीले होंगे

तेरे होंठो को देखा तो एक बात उठी जहन में वो लफ्ज़ कितने नशीले होंगे, जो इनसे होकर गुजरते है

डरता हूँ कहने से की मोहब्बत है तुम से

डरता हूँ कहने से की मोहब्बत है तुम से, कि मेरी जिंदगी बदल देगा तेरा इकरार भी और इनकार भी..