मुझे चाह नही गुलदस्तों की

मुझे चाह नही गुलदस्तों की . . . मैं तो खुश हूँ, महकते एक गुलाब से

कोई मर रहा है किसी पे मरने के लिए

इश्क का लुफ्त तो देखिये साहेब.. कोई मर रहा है किसी पे मरने के लिए…!!

सेहरी में पीये गए पानी की आखरी घूंट

एक सन्त ने एक बार बताया था कि मोहब्बत सेहरी में पीये गए पानी की आखरी घूंट की जैसी होनी चाहिए जिसके बाद दूसरे घूंट की गुंजाइश ही नहीं होनी चाहिए।

ख़ुशी उन्हे दे दो

ख़ुशी कहा हम तो “गम” चाहते है, ख़ुशी उन्हे दे दो जिन्हें “हम” चाहते है

अगर है किसी मे टूटने की हिम्मत है…

अगर है किसी मे टूटने की हिम्मत है… तो मुबारक हो..इश्क़ कर लीजिये.. #बज़्म

दिल में लोग जगह नहीं देते..

आशियाने बनें भी तो कहाँ जनाब… जमीनें महँगी हो चली हैं और दिल में लोग जगह नहीं देते..

वो लफ्ज़ कितने नशीले होंगे

तेरे होंठो को देखा तो एक बात उठी जहन में वो लफ्ज़ कितने नशीले होंगे, जो इनसे होकर गुजरते है