बस इतना ही है इश्क

फिर वही शाम,फिर वही चाय.. फिर वहीं तेरी,याद का आना.. फिर वही बेचैनी,फिर वहीं तलब.. फिर वही हर घुट में,तुझे महसूस कर जाना, फिर वही इंतज़ार,बस इतना ही है इश्क।❤❤❤

ये तो जुल्म है ना

Dear #Soulmate लाजमी तो नहीं, मुझे हर वक़्त याद करो… बिल्कुल ही भूल जाओ, ये तो जुल्म है ना…!!!

मैं ऐसी जरूरत बन जाऊँ तेरी

#काश . . . #मैं ऐसी जरूरत बन जाऊँ तेरी जिसकी तुम्हे #तलब रहे सारी #जिंदगी !! ❤❤❤

अब अगर मैं कभी रुठ जाऊं

My Dear Love अब अगर मैं कभी रुठ जाऊं तो मीठा दही खिला कर मना सकती हो !!

तुम मुझे हमेशा याद रहोगे

मैं तुम्हे याद रहूँ, या ना रहूँ, 💕 💕 बस इतना याद रखना की तुम मुझे हमेशा याद रहोगे

कोई मर रहा है किसी पे मरने के लिए

इश्क का लुफ्त तो देखिये साहेब.. कोई मर रहा है किसी पे मरने के लिए…!!

हम तेरे नाम को चुपके से पढ़ा करते हैं

अपनी मुट्ठी में छुपा कर किसी जुगनू की तरह हम तेरे नाम को चुपके से पढ़ा करते हैं ~अलीना इतरत

कोई याद किया करता है

ऐ हवा तू ही उसे ईद-मुबारक कहियो और कहियो कि कोई याद किया करता है #EidMubarak

सेहरी में पीये गए पानी की आखरी घूंट

एक सन्त ने एक बार बताया था कि मोहब्बत सेहरी में पीये गए पानी की आखरी घूंट की जैसी होनी चाहिए जिसके बाद दूसरे घूंट की गुंजाइश ही नहीं होनी चाहिए।

गुलज़ार साहब की नज़्म हो जैसे

उसकी आँखें गुलज़ार साहब की नज़्म हो जैसे… उसकी बातें जैसे क़ैफ़ी आज़मी की ‘तेरी ख़ुशबू में बसे ख़त’…