पुकार पाओगी क्या..?

वो सारे नाम जो तुमने मुझे दिए थे अब उनसे किसी ओर को पुकार पाओगी क्या..? #अज्ञात

सवाल

इस बार उस की आँखों में इतने सवाल थे मैं भी सवाल बन के सवालों में रह गया

मैं ख़ुद से रूठ गया हूँ उसे मनाते हुए

घुटन सी होने लगी उस के पास जाते हुए मैं ख़ुद से रूठ गया हूँ उसे मनाते हुए ~अज़हर इक़बाल

जहा दूसरे को समझाना मुश्किल हो जाये

जहा दूसरे को समझाना मुश्किल हो जाये, . . . वहा खुद को समझा लेना बहतर होता है…..

फासलों का एहसास

फासलों का एहसास तब हुआ.. जब मैंने कहा हम ठीक हैं… . . . और उन्होंने मान लिया.!!

थोडा इंतजार कर ए दिल

थोडा इंतजार कर ए दिल, . . . . उसे भी पता चल जाएगा की उसने खोया क्या है…

दरिया अगर सूख भी जाये

कैसे भूलेगी वो मेरी बरसोंकी चाहत को… . . . . दरिया अगर सूख भी जाये तो रेत से नमी नहीं जाती…

शीशे की तरह आर-पार हूँ

शीशे की तरह आर-पार हूँ . . . फिर भी बहुतों की समझ से बाहर हूं..!

कितनी ऊँचाई पर खुदा रहता है

लौट आती है हर बार मेरी दुआ खाली, जाने कितनी ऊँचाई पर खुदा रहता है।

तभी तो ज़िंदा हूँ

पूछा किसीने की याद आती है उसकी, मैंने मुस्कुराकर कहा की तभी तो ज़िंदा हूँ !!