Tag: kadwa sach

कड़वा सच

चापलूस और आलोचक मे केवल इतना अन्तर है कि चापलूस अच्छा बनकर बुरा करता है

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और आलोचक बुरा बनकर अच्छा करता है

पुरुष का रोना

पुरुष रोता नहीं है पर जब वो रोता है, रोम-रोम से रोता है।

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उसकी व्यथा पत्थर में दरार कर सकती है
~ हरिशंकर परसाई

धर्म शोषण या भाग्यवाद

धर्म चालाक आदमी का शोषण का हथियार है और भोले आदमी के लिए भाग्यवाद की अफीम

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धर्म पर कब्ज़ा वह वर्ग कर लेता है जिसके अधिकार में उत्पादन के साधन होते हैं

~ हरिशंकर परसाई

बेइज्जती

बेइज्जती में अगर दूसरे को भी शामिल कर लो

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तो आधी इज्जत बच जाती है!

हरिशंकर परसाई

श्रम का पसीने

जिन्हें पसीना सिर्फ़ गर्मी और भय से आता है,

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वे श्रम के पसीने से बहुत डरते हैं!

हरिशंकर परसाई

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