मैं जब सो जाऊँ इन आँखों पे अपने होंट रख देना

मैं जब सो जाऊँ इन आँखों पे अपने होंट रख देना
यक़ीं आ जाएगा पलकों तले भी दिल धड़कता है

~ बशीर बद्र

दिन प्रति दिन खुद में ही खोता जा रहा हूँ मैं

दिन प्रति दिन खुद में ही खोता जा रहा हूँ मैं
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तुम्हारी मोहब्बत में जीडीपी होता जा रहा हूँ मैं

मेरे हाथ अक्सर एक हाथ तलाशा करते है

मेरे हाथ अक्सर एक हाथ तलाशा करते है,

तुझसे गुजरे है, तेरा साथ तलाशा करते है

गालियां, वो सड़के, इश्क़ में थी सनी – सनी ,

ओस की बूंदों में वही रात तलाशा करते है

© नेहा नूपुर