जब प्रेम का इज़हार करेंगे

जब प्रेम का इज़हार करेंगे हम हमारी कोई भी महान उपलब्धि काम नहीं आएगी काम आएगा सिर्फ़ स्त्री के क़दमों में बैठ काँपते हाथों से फूल देना

इश्क में रूठना एक अदा है

इश्क में रूठना एक अदा है, पर रूठकर दूरी बनाना…. एक इशारा, किसी से रूठ कर आप उनसे दूरी बनाते हो, तो आप उन्हें परोक्ष रूप में इशारा रहे हो, के “मैं ऐसे ही खुश हूं” ….!! 💛

मुझे पसंद हैं

मुझे पसंद हैं धूसर कत्थई होंठ बिन काजल बड़ी आंखें पसीने से धुला चमकता चेहरा ख़ुश्क लहराते बाल सादे कपड़े भोली बातें क्योंकि मैं देह से परे रहकर तुम्हारी आत्मा को चूमना चाहता हूं ।

वो आ गए

माँ आ गयी बाद में बात करते हैं से लेकर … . . . . माँ “वो आ गए ” बाद में बात करते है तक का सफर ही इश्क़ है ….

मोहब्बत से भी गहरी होती है

ना चाहते हुए भी छोड़ना पड़ता है … . . . . कुछ मजबूरियां , मोहब्बत से भी गहरी होती है ,

प्रेम मेरे लिए वह अंतहीन यात्रा है

प्रेम मेरे लिए वह अंतहीन यात्रा है जिसका कोई लक्ष्य नहीं!तुम भी नहीं!! . . . तुम तो वह सहयात्री हो जिसका हाथ पकड़ मैं इस शाश्वत यात्रा पर निकलना चाहता हूँ!!!

थोड़ा ज़्यादा प्यार कर लेना

वो कहने लगे हम उम्र में बड़े हैं तुमसे… . . . तो हमने कहा तुम थोड़ा ज़्यादा प्यार कर लेना….!!

प्यार होना चाहिए मगर कैसा प्यार चाहिए

प्यार होना चाहिए मगर कैसा प्यार चाहिए! प्यार ऐसा हो कि बस उसे एक नज़र देख ले और फिर कुछ देखने का मन करे. कि एक बार उसके गले से लिपट कर रो लें तो तमाम उम्र रोने की हसरत न करे. कि जिस शहर, जिस गली में उस से …

इतना सस्ता कभी नहीं रहा था मैं

इतना सस्ता कभी नहीं रहा था मैं ।। . . . . वो तो उसी के लिये रियायत ज्यादा थी।।

तुम मेरी हर बात मानो

तुम मेरी हर बात मानो हर बार भरोसा करो हर बार उतनी ही गर्माहट से हाथ गहो तुम्हारे बोसे में उतना ही तीखापन हो हर बार तुम चुप हो जाओ लड़ो नहीं यह कतई ज़रूरी नहीं इन अपूर्णताओं के बदले में क्या पता हमें एक अदद ज़िन्दगी मिले एक साथ …