दिसंबर में लगे मोहब्बत की ठंड

तुझे दिसंबर में लगे मोहब्बत की ठंड, . . . . और तू मुझे तड़पकर मांगे चाय की तरह..

चाय और इश्क़

ता उम्र जलते रहते हैं धीमी आँच में, . . . इसीलिए “चाय”और “इश्क़” दोनों ही मशहूर हैं..

बहुत प्यार आता है तुम पर

मैंने कहा बहुत प्यार आता है तुम पर . . . . वो मुस्कुरा कर बोले और तुम्हे आता ही क्या है।

तुम्हारे बिना ज़िंदगी रूखी रूखी सी लगती है

सुनो तुम्हारा नाम बोरो प्लस रख दूँ क्या..!! . . . तुम्हारे बिना ज़िंदगी रूखी रूखी सी लगती है। 😂😄🤣

तलाश उनकी हैं

चेहरा खूबसूरत हैं तो आशिक़ों की कमी नहीं . . . . तलाश उनकी हैं जो झुर्रियों को भी दिल से चूमे

उद्दंड लड़के प्रेम में पड़कर शांत हो जाते हैं

कक्षा के सबसे उद्दंड लड़कों को कक्षा की सबसे शांत लड़कियों से प्रेम होता है सबसे शांत लड़कियाँ प्रेम में पड़कर उद्दंड हो जाती हैं सबसे उद्दंड लड़के प्रेम में पड़कर शांत हो जाते हैं ~ देवेंद्र दांगी

जब प्रेम का इज़हार करेंगे

जब प्रेम का इज़हार करेंगे हम हमारी कोई भी महान उपलब्धि काम नहीं आएगी काम आएगा सिर्फ़ स्त्री के क़दमों में बैठ काँपते हाथों से फूल देना

इश्क में रूठना एक अदा है

इश्क में रूठना एक अदा है, पर रूठकर दूरी बनाना…. एक इशारा, किसी से रूठ कर आप उनसे दूरी बनाते हो, तो आप उन्हें परोक्ष रूप में इशारा रहे हो, के “मैं ऐसे ही खुश हूं” ….!! 💛

मेरे इश्क का वजूद

कभी लफ़्ज़ों में मत ढूँढना… मेरे इश्क का वजूद… . . मैं उतना नहीं लिख पाता… जितना महसूस करता हुँ…

सींचते रहना ही प्रेम है

कहीं पढ़ा था- “बो देना प्रेम नहीं है। उग आना प्रेम है” और मैं कह आया– “बो देना या फिर उग आना प्रेम है या नहीं ये तो मैं नहीं जानता। बस इतना जानता हूँ उस उग आये पौध को सींचते रहना ही प्रेम है!”