तपते बदन पर

तपते बदन पर भींगा रुमाल रखती है मां कितनी शिद्दत से मेरा ख्याल रखती है हैप्पी मदर्स डे

ऊपर जिसका अंत नहीं

ऊपर जिसका अंत नहीं उसे आसमां कहते हैं , जहाँ में जिसका अंत नहीं उसे माँ कहते हैं।

दरिया अगर सूख भी जाये

कैसे भूलेगी वो मेरी बरसोंकी चाहत को… . . . . दरिया अगर सूख भी जाये तो रेत से नमी नहीं जाती…

कसम मेरे नाम की

हर रोज़ खा जाते थे वो कसम मेरे नाम की, . . . आज पता चला की जिंदगी धीरे धीरे ख़त्म क्यूँ हो रही है.

तभी तो ज़िंदा हूँ

पूछा किसीने की याद आती है उसकी, मैंने मुस्कुराकर कहा की तभी तो ज़िंदा हूँ !!

ख़ुशी उन्हे दे दो

ख़ुशी कहा हम तो “गम” चाहते है, ख़ुशी उन्हे दे दो जिन्हें “हम” चाहते है

तुम बिन

तुम बिन…… चलते तो हैं, पर…… पहुँचते कहीं नहीं…!!!

तेरे साथ वफादार है कितना…

मत देख कोई शख्स गुनाहगार है कितना, बल्कि, यह देख, तेरे साथ वफादार है कितना…

नफरत

बहुत पाक रिश्ते होते है नफरतों के, कपड़े अक्सर मोहब्बत में ही उतरते हैं…

खूबसूरती न सूरत में है

खूबसूरती न सूरत में है… न लिबास में है… निगाहें जिसे चाहे… उसे हसीन कर दें…