उन्ही चीजों का शौक है हमे

कुछ चीजें पैसों से नही मिलती . . . . बस उन्ही चीजों का शौक है हमे

गोरे सूरज ने

फूल जैसे मख़मली तलवों में छाले कर दिए, गोरे सूरज ने हज़ारों जिस्म काले कर दिए। ~राहत इंदौरी

मैं ख़ुद से रूठ गया हूँ उसे मनाते हुए

घुटन सी होने लगी उस के पास जाते हुए मैं ख़ुद से रूठ गया हूँ उसे मनाते हुए ~अज़हर इक़बाल

कब तक मुझे अपने कन्धों पर सोने दोगी!

मैंने “माँ ” के कंधे पर सर रख कर पूछा – “माँ ” कब तक मुझे अपने कन्धों पर सोने दोगी! माँ का जवाब था – बेटा जब तक तू, मुझे अपने कंधे पर ना उठा ले तब तक

चाय ठंडी होती गई

बैठे चाय की प्याली लेकर पुराने किस्से याद करने… चाय ठंडी होती गई और किस्से गरम होते गये !!

हिम्मत मत हारना

अभिमन्यु की एक बात बहुत हिम्मत देती हैं, हिम्मत से हारना पर हिम्मत मत हारना |

बेकार उलझाया ना करे

चुभते हुए ख्वाबों से कह दो .. अब आया ना करे.. हम तन्हा तसल्ली से रहते है…. बेकार उलझाया ना करे..

रिश्तों से भरोसा

नजाकत तो देखिये, की सूखे पत्ते ने डाली से कहा .. . . . चुपके से अलग करना वरना लोगो का रिश्तों से भरोसा उठ जायेगा….

कितनी ऊँचाई पर खुदा रहता है

लौट आती है हर बार मेरी दुआ खाली, जाने कितनी ऊँचाई पर खुदा रहता है।

कुछ लोग प्यार से पेश आ रहे हैं…

नए जख्म के लिए तैयार हो जा ए दिल! कुछ लोग प्यार से पेश आ रहे हैं…!!