बस इतना ही है इश्क

फिर वही शाम,फिर वही चाय..

फिर वहीं तेरी,याद का आना..

फिर वही बेचैनी,फिर वहीं तलब..

फिर वही हर घुट में,तुझे महसूस कर जाना,

फिर वही इंतज़ार,बस इतना ही है इश्क।❤❤❤

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