बस इतना ही है इश्क

फिर वही शाम,फिर वही चाय.. फिर वहीं तेरी,याद का आना.. फिर वही बेचैनी,फिर वहीं तलब.. फिर वही हर घुट में,तुझे महसूस कर जाना, फिर वही इंतज़ार,बस इतना ही है इश्क।❤❤❤

ये तो जुल्म है ना

Dear #Soulmate लाजमी तो नहीं, मुझे हर वक़्त याद करो… बिल्कुल ही भूल जाओ, ये तो जुल्म है ना…!!!

स्पर्श बता देता है नीयत कैसी है

घमण्ड बता देता है कितना पैसा है । #मर्यादा बता देती है परिवार कैसा है ।। बोली बता देती है इंसान कैसा है । बहस बता देती है ज्ञान कैसा है ।। नजरें बता देती है सूरत कैसी है । स्पर्श बता देता है नीयत कैसी है ।। #बज़्म

गुलज़ार साहब की नज़्म हो जैसे

उसकी आँखें गुलज़ार साहब की नज़्म हो जैसे… उसकी बातें जैसे क़ैफ़ी आज़मी की ‘तेरी ख़ुशबू में बसे ख़त’…

कुछ कुछ इश्क़ सा था

एक मकाम तक आकर उनका लौट जाना मुड़ मुड़कर फिर आना आकर सताना न जाने क्यों मेरी समझ से बाहर था वो कुछ कुछ इश्क़ सा था…..💕

सिर्फ तेरा साथ चाहिये

काश तुम पूछो की मुझसे क्या चाहिये, मैं पकडू बस तेरा हाथ और कहूँ सिर्फ तेरा साथ चाहिये…

मिले तुम भी नहीं

नहीं मिला मुझे कोई तुम जैसा आज तलक, पर ये सितम अलग है कि मिले तुम भी नहीं..!

तुमने तो फिर भी सीख लिए दुनिया के चाल चलन

तुमने तो फिर भी सीख लिए दुनिया के चाल चलन… हम तो कुछ भी ना कर सके बस मुहब्बत के सिवा !!