दिल से भी बहरा था

हम उसको सुनाते रहे गम की कहानियां। जो शख्स कान से ही नही दिल से भी बहरा था

कितनों की हीर है

समस्या ये भी गंभीर है . . . जिसे तूँ सिर्फ अपनी समझता है, वो पता नही कितनों की हीर है…

दफ़न सारे अहसास

सुनो, ये जो तुम रुठ के मुझसे हर बार चले जाते हो… दफ़न सारे अहसास बताओ कहां कर आते हो ?

जो अधूरा मुझे छोड़ गया है

उसको मुकम्मल लिखना चाहती हूं . . . जो अधूरा मुझे छोड़ गया है..💔

Haq

हक दिया था तुम्हें… हाथ पकड़ कर रोक लेने का मुझे… पर तुम्हारी खामोशी ने पल में पराया कर दिया…!!

जहा दूसरे को समझाना मुश्किल हो जाये

जहा दूसरे को समझाना मुश्किल हो जाये, . . . वहा खुद को समझा लेना बहतर होता है…..

थोडा इंतजार कर ए दिल

थोडा इंतजार कर ए दिल, . . . . उसे भी पता चल जाएगा की उसने खोया क्या है…

तभी तो ज़िंदा हूँ

पूछा किसीने की याद आती है उसकी, मैंने मुस्कुराकर कहा की तभी तो ज़िंदा हूँ !!

तेरी ख़ामोशी

कौन कहता है की दिल.. सिर्फ लफ्जों से दुखाया जाता है, तेरी ख़ामोशी भी कभी कभी.. आँखें नम कर देती है..