जब एक रोटी के चार टुकड़े हों और खाने वाले पाँच,
.
.
.
तब मुझे भूख नहीं है ऐसा कहने वाली इंसान है – माँ !
जब एक रोटी के चार टुकड़े हों और खाने वाले पाँच,
.
.
.
तब मुझे भूख नहीं है ऐसा कहने वाली इंसान है – माँ !
माना थक कर आँखे उसकी बंद होती हैं ,
पर माँ सोती भी हैं, तो फिक्रमंद होती हैं।
ऊपर जिसका अंत नहीं उसे आसमां कहते हैं ,
जहाँ में जिसका अंत नहीं उसे माँ कहते हैं।
सीधा साधा भोला भाला
तेरे लिए मै ही सबसे अच्छा हूँ ,
कितना भी हो जाऊ बड़ा माँ
मै आज भी तेरा ही बच्चा हूँ ।
मैंने “माँ ” के कंधे पर सर रख कर पूछा – “माँ ” कब तक मुझे अपने कन्धों पर सोने दोगी!
माँ का जवाब था – बेटा जब तक तू, मुझे अपने कंधे पर ना उठा ले तब तक
एक मकाम तक आकर
उनका लौट जाना
मुड़ मुड़कर फिर आना
आकर सताना
न जाने क्यों
मेरी समझ से बाहर था
वो
कुछ कुछ इश्क़ सा था…..💕
अगर गिलास दूध से भरा हुआ है तो,
आप उसमे और दूध नहीं डाल सकते
लेकिन आप उसमें शक्कर डाले तो,
शक्कर अपनी जगह बना लेती है
और अपना होने का अहसास दिलाती है.
उसी प्रकार,
अच्छे लोग हर किसी के दिल में,
अपनी जगह बना लेते हैं