बच्चो की तरह सोचता है..

जो चीज़ मेरी है उसे कोई और ना देखे … इंसान भी मोहबत में बच्चो की तरह सोचता है..

ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती…

सुना है तुम्हारी एक निगाह से क़तल होते हैं लोग, एक नज़र हमको भी देख लो कि ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती…

नहीं मिला मुझे कोई तुम जैसा आज तलक

नहीं मिला मुझे कोई तुम जैसा आज तलक, पर ये सितम अलग है कि मिले तुम भी नहीं..!

नहीं मिला मुझे कोई तुम जैसा आज तलक

नहीं मिला मुझे कोई तुम जैसा आज तलक, पर ये सितम अलग है कि मिले तुम भी नहीं..!

कभी हमसे भी पूछ लिया करो हाल-ए-दिल

“कभी हमसे भी पूछ लिया करो हाल-ए-दिल, कभी हम भी तो कह सकें दुआ है आपकी”

तुम और मैं दो नहीं, एक होते हैं

मुक्तलिफ है इश्क़ का गणित यारों यहाँ तुम और मैं दो नहीं, एक होते हैं

वो आँखों से गज़ल कह गए !!

हम अल्फाजो को ढूढते रह गए और वो आँखों से गज़ल कह गए !!

चाशनी में डूबी दुनिया की मोहब्बतें एक तरफ़

चाशनी में डूबी दुनिया की मोहब्बतें एक तरफ़ मेरी तुम्हारी नीम सी कड़वी लड़ाइयाँ एक तरफ़

सलीका नक़ाब का

सलीका नक़ाब का भी तुमने अजब कर रखा है। जो आँखे हैं क़ातिल, उन्हीं को खुला छोड़ रखा है।।

कौन शरमा रहा है आज यूँ हमें फुरसत में याद कर के…

हिचकियाँ आना तो चाह रही हैं, पर ‘हिच-किचा’ रही हैं… कौन शरमा रहा है आज यूँ हमें फुरसत में याद कर के…