पुकार पाओगी क्या..?

वो सारे नाम जो तुमने मुझे दिए थे अब उनसे किसी ओर को पुकार पाओगी क्या..? #अज्ञात

कुछ लोग प्यार से पेश आ रहे हैं…

नए जख्म के लिए तैयार हो जा ए दिल! कुछ लोग प्यार से पेश आ रहे हैं…!!

दर्द

बुरा कैसे बन गया साहब… दर्द लिखता हुँ . . . किसी को देता तो नही…

न ज़ख्म भरे, न शराब सहारा हुई.

न ज़ख्म भरे, न शराब सहारा हुई., न वो वापस लौटीं, न मोहब्बत दोबारा हुई..

किसी से बस उतना ही दूर होना

किसी से बस उतना ही दूर होना की उसे आपकी अहमियत का एहसास हो जाए इतना भी दूर ना हो जाना की वो आप के बिना जीना सीख ले❗️

कोई ऐसा कर बहाना मेरी आस टूट जाए

तेरे वादों पे कहाँ तक मेरा दिल फ़रेब खाए कोई ऐसा कर बहाना मेरी आस टूट जाए ~फ़ना निज़ामी कानपुरी

उन की आग़ोश में सर हो ये ज़रूरी तो नहीं

ला रहे हैं नींद के #आग़ोश में अश्क़ मुझको थपकियां देते हुए… नींद तो दर्द के बिस्तर पे भी आ सकती है उन की #आग़ोश में सर हो ये ज़रूरी तो नहीं

भूले नहीं हम उसे

भूले नहीं हम उसे…… और भूलेगें भी नहीं, बस नज़र अंदाज करेंगे उसे उसी की तरह

“छूट गया हाथों से” वो मेरे

“छूट गया हाथों से” वो मेरे कुछ इस “कदर” रेत “फिसलती” है जैसे “बन्द मुट्ठी से”💔…..

मेरा तमाशा बना दिया

तकदीर ने फलक ने ईश्क ने मोहब्बत ने.. जिसने भी चाहा मेरा तमाशा बना दिया…