मेरी तक़दीर में एक भी गम ना होता

मेरी तक़दीर में एक भी गम ना होता, अगर तक़दीर लिखने का हक़ मेरी माँ को होता..!!

स्कूल का वो बस्ता मुझे फिर से थमा दे माँ

स्कूल का वो बस्ता मुझे फिर से थमा दे माँ, . . . . ये ज़िन्दगी का सफर मुझे बड़ा मुश्किल लगता हैं!

जितने सिक्कों से माँ मेरी नज़र उतारा करती थी

कमा के इतनी दौलत भी मैं अपनी ‪‎माँ‬ को दे ना पाया, . . . . के जितने सिक्कों से माँ मेरी नज़र उतारा करती थी..!!

आज भी भूख मिटती नहीं माँ

तेरी डिब्बे की वो दो रोटिया कही बिकती नहीं, माँ, महँगे होटलों में आज भी भूख मिटती नहीं माँ …!!

वो मां ही है

वो मां ही है जो हमे दुनिया से 9 महीना ज्यादा जानती है Happy Mother’s Day

माँ ने पूछा बेटा कुछ खाया

दिन भर के काम के बाद ….. पापा ने पूछा कितना कमाया .. बेटे ने पूछा क्या लाया .. बीवी ने पूछा कितना बचाया .. और माँ ने पूछा बेटा कुछ खाया

जब एक रोटी के चार टुकड़े हों

जब एक रोटी के चार टुकड़े हों और खाने वाले पाँच, . . . तब मुझे भूख नहीं है ऐसा कहने वाली इंसान है – माँ !

माँ सोती भी हैं, तो फिक्रमंद होती हैं

माना थक कर आँखे उसकी बंद होती हैं , पर माँ सोती भी हैं, तो फिक्रमंद होती हैं।

माँ से इस तरह लिपटूँ की बच्चा हो जाऊँ

मेरी ख्वाहिश है की मैं फिर से फरिश्ता हो जाऊँ, माँ से इस तरह लिपटूँ की बच्चा हो जाऊँ।

‘दर्द’ जब हद से ज्याद होता है तो

मैं ही नहीं, बड़े बड़े सूरमा भी याद करते हैं… ‘दर्द’ जब हद से ज्याद होता है तो, सब “माँ” याद करते हैं |।।