गुलज़ार साहब की नज़्म हो जैसे

उसकी आँखें गुलज़ार साहब की नज़्म हो जैसे… उसकी बातें जैसे क़ैफ़ी आज़मी की ‘तेरी ख़ुशबू में बसे ख़त’…

हर तरफ बाजार है

खूबसूरत जिस्म हो या मुसल्लम ईमान.., बेचने की ठान लो तो हर तरफ बाजार है..!!

तीन ही तो शौक़ हैं मेरे

तीन ही तो शौक़ हैं मेरे… शाम की चाय, शायरी और तुम….! ☕😊 😊☕

मेरे ख्वाबों की तबियत ख़राब है

मेरे ख्वाबों की तबियत ख़राब है…💕 क्या मुझे दो घूँट नींद मिलेगी…💕😒

बात वो कहिए कि जिस बात के सौ पहलू हों

बात वो कहिए कि जिस बात के सौ पहलू हों, कोई पहलू तो रहे बात बदलने के लिए।