बिना जिस्म को छुए

बिना जिस्म को छुए कोई रूह से लिपट जाए… . . . मेरे ख्याल में तो वही सच्चा इश्क़ है..

एक अबोध बालक

तमाम प्रेम कविताओं और तरल सम्वेदनाओं के बावजूद नहीं पकड़ पाए वो रंग जिसमें डूब एक अबोध बालक बिल्ली के अक्ष्म बच्चे को सहलाता है छुप कर पालता है और उचित समय दूर कहीं पेड़ के नीचे सुरक्षित छोड़ निर्लप्त चला आता है फिर से कहीं और प्रेम बाँटने के …

मोहब्बत से भी गहरी होती है

ना चाहते हुए भी छोड़ना पड़ता है … . . . . कुछ मजबूरियां , मोहब्बत से भी गहरी होती है ,

Achaar

अच्छी यादों का आचार डालिए और सालों साल रखिए . . . बुरी यादों की चटनी बनाइए और दो दिन में खत्म कीजिए।

Dahej Me Kya Aaya

एक माता-पिता ने शादी में अपनी बेटी दे दी . . लेकिन कुछ लोग टैम्पो में झांक रहे थे कि दहेज़ में क्या आया है……… 😶😶😶

रिश्तों को कभी धोखा मत दो

रिश्तों को कभी धोखा मत दो, पसंद ना आऐ तो उसे पूर्णविराम कर दो

अजीब खेल है ये मोहब्बत का

अजीब खेल है ये मोहब्बत का . . किसी को हम न मिले, कोई हमें ना मिला!

न ज़ख्म भरे, न शराब सहारा हुई.

न ज़ख्म भरे, न शराब सहारा हुई., न वो वापस लौटीं, न मोहब्बत दोबारा हुई..

वो जवाब जो मुझे आज तक न मिल सका

वो जवाब जो मुझे आज तक न मिल सका उसी जवाब का सवाल नहीं करूंगी मैं अब तुम ख़ूब चैन से सो सकते हो अब छोटी बातों पे बवाल नहीं करुँगी मैं !

व्यक्तित्व

“व्यक्तित्व” की भी अपनी वाणी होती है जो “कलम”‘ या “जीभ” के इस्तेमाल के बिना भी, लोगों के “अंर्तमन” को छू जाती है..!!!