वो लफ्ज़ कितने नशीले होंगे

तेरे होंठो को देखा तो एक बात उठी जहन में वो लफ्ज़ कितने नशीले होंगे, जो इनसे होकर गुजरते है

तीन ही तो शौक़ हैं मेरे

तीन ही तो शौक़ हैं मेरे… शाम की चाय, शायरी और तुम….! ☕😊 😊☕