दीदार लिखे तेरा दवा के नाम पर

कौन चाहे है अच्छा होना बग़ैर तेरे साथ के चारागर से कह दीदार लिखे तेरा दवा के नाम पर

मुझ को बीमार करेगी, तेरी आदत इक दिन

मुझ को बीमार करेगी, तेरी आदत इक दिन और फिर तुझ से भी अच्छा नहीं हो पाऊँगा -Rahul Jha

तू मुझ से ख़फ़ा है तो ज़माने के लिए आ

किस किस को बताएँगे जुदाई का सबब हम तू मुझ से ख़फ़ा है तो ज़माने के लिए आ ~अहमद फ़राज़

हर बात तुम्हारी अच्छी हैं

मैं तुमसे बेहतर लिखता हूँ पर जज्बात तुम्हारे अच्छे हैं मैं खुश हरदम रहता हूँ पर मुस्कान तुम्हारी अच्छी हैं मैं अपने उसूलों पर चलता हूँ पर ज़िद तुम्हारी अच्छी हैं मैं एक बेहतर शख्सियत हूँ , पर सीरत तुम्हारी अच्छी हैं मैं कितना भी कुछ कहता रहूँ पर हर …

सौ बार भी मिल जाये अधूरा लगता है

तलब में शुमार इस कदर दीदार उनका, सौ बार भी मिल जाये अधूरा लगता है।

शौक था कभी पढ़ने का उन्हें

शौक था कभी पढ़ने का उन्हें जिन्हे पढ़ कर सभी छोड़ दिया करते थे आज छोड़ रहे है वो मेहताब उन्हें जो छोड़ी चीज को खुशी से जोड़ दिया करते थे

कुछ शब्द हो तो देना

कुछ शब्द हो तो देना राह गुजरते राहगीर शब्द ए आईने की खिदमत “उसे” करनी है

दूर से दूर तलक एक भी दरख्त न था

दूर से दूर तलक एक भी दरख्त न था| तुम्हारे घर का सफ़र इस क़दर सख्त न था। इतने मसरूफ़ थे हम जाने के तैयारी में, खड़े थे तुम और तुम्हें देखने का वक्त न था। – गोपालदास नीरज

जिसको आना ही नहीं है

इंतजार भी उसका जिसे आना ही नहीं है…. प्यार भी उस से … जिसको कभी पाना ही नहीं है..!!😊

तुझे गुस्सा दिलाना

तुझे गुस्सा दिलाना भी एक साजिश हैं !!! तेरा रुठ कर मुझ पर यूँ हक जताना प्यार सा लगता हैं !!!