उसकी मोहब्बतों का कैसे हिसाब हो,
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जो गले लग कर कहे तुम बहुत खराब हो।
उसकी मोहब्बतों का कैसे हिसाब हो,
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जो गले लग कर कहे तुम बहुत खराब हो।
बस एक बार किसी ने गले लगाया था
फिर उस के बाद न मैं था न मेरा साया था
#ज़फ़र_इक़बाल #UrduPoetry
पायल बेचकर उसने लगवाए थे
मेरे गिटार में नए तार
अब तारों को छेड़ता हूँ
तो छम-छम की आवाज़ आती है
मैं तुम्हे याद रहूँ,
या
ना रहूँ,
💕
💕
बस इतना याद रखना की
तुम मुझे हमेशा याद रहोगे
लगने दो गर लगती है तेरे होठों की लिपस्टिक मेरे चेहरे पे,
सालों से बोरो प्लस लगा लगा के ये भी बोर सा हुआ बैठा है ।
😂😂😂
इश्क का लुफ्त तो देखिये साहेब..
कोई मर रहा है किसी पे मरने के लिए…!!