शायरी भाग -1

क्या हुआ अगर हम किसी के दिल में नहीं धङकते ….? आँखों में तो बहुतो के खटकते हैं ….!!! ******* “कर लेता हूँ बर्दाश्त हर दर्द इसी आस के साथ.. की खुदा नूर भी बरसाता है … आज़माइशों के बाद”.. ******* ये तेरे बाप का खरीदा हुआ खिलोना नहीँ जिसे …