इंसान सब कुछ कॉपी कर सकता है

इंसान सब कुछ कॉपी कर सकता है . . . लेकिन किस्मत और नसीब नही

बाज़ार बड़ा मंदा है साहेब

बाज़ार बड़ा मंदा है साहेब….. ख़ुशी की किल्लत है और ग़म कोई ख़रीद नहीं रहा

दूर रहकर भी

दूर रहकर भी आपकी ख़बर रखते हैं.. हम पास आपको कुछ… इस कदर रखते हैं

चर्चा मेरे बुराई पे हो

मेरी ख़ूबीयो पर तो….. यहाँ सब खामोश रहते हैं .. चर्चा मेरे बुराई पे हो तो… गूँगे भी बोल पड़ते हैं …

जिसे दिल का सुकून कहते हैं

कहीं बाजार में मिल जाये तो लेते आना वो चीज़ जिसे दिल का सुकून कहते हैं…

जिंदगी आसान बहुत हो गयी

कुछ बातों के मतलब है और कुछ मतलब की बातें, जब से फर्क जाना जिंदगी आसान बहुत हो गयी

नफरत

बहुत पाक रिश्ते होते है नफरतों के, कपड़े अक्सर मोहब्बत में ही उतरते हैं…

दर्द

बुरा कैसे बन गया साहब… दर्द लिखता हुँ . . . किसी को देता तो नही…

मोहब्बत

मोहब्बत भी उधार कि तरह होती है …. “साहब” लोग ले तो लेते है .. मगर देना भूल जाते है.

खूबसूरती न सूरत में है

खूबसूरती न सूरत में है… न लिबास में है… निगाहें जिसे चाहे… उसे हसीन कर दें…