तपते बदन पर

तपते बदन पर भींगा रुमाल रखती है मां कितनी शिद्दत से मेरा ख्याल रखती है हैप्पी मदर्स डे

ऊपर जिसका अंत नहीं

ऊपर जिसका अंत नहीं उसे आसमां कहते हैं , जहाँ में जिसका अंत नहीं उसे माँ कहते हैं।

मै आज भी तेरा ही  बच्चा हूँ

सीधा साधा भोला भाला तेरे लिए मै ही सबसे अच्छा हूँ , कितना भी हो जाऊ बड़ा माँ मै आज भी तेरा ही बच्चा हूँ ।

कब तक मुझे अपने कन्धों पर सोने दोगी!

मैंने “माँ ” के कंधे पर सर रख कर पूछा – “माँ ” कब तक मुझे अपने कन्धों पर सोने दोगी! माँ का जवाब था – बेटा जब तक तू, मुझे अपने कंधे पर ना उठा ले तब तक

मरने के बहुत रास्ते है

मरने के बहुत रास्ते है पर जन्म लेने के लिए . . . . सिर्फ माँ….

एक ऐसा डॉक्टर

एक ऐसा डॉक्टर जिसे डिग्री की ज़रुरत नहीं होती . . . वो है ” माँ “